आजकल पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। शुक्राणु की संख्या कम होना, उनकी गुणवत्ता कमजोर होना या मूवमेंट सही न होना, ये सब आम दिक्कतें बन चुकी हैं। इसकी बड़ी वजह गलत खान-पान, ज्यादा तनाव, नींद की कमी और बिगड़ी जीवनशैली है।
अच्छी बात यह है कि कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को रोज़मर्रा की डाइट में शामिल करके पुरुष अपनी फर्टिलिटी को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बेहतर बना सकते हैं।
1. अखरोट
अखरोट पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए सबसे बेहतरीन ड्राई फ्रूट्स में से एक माना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो शुक्राणुओं की बनावट और मूवमेंट को बेहतर बनाने में मदद करता है।
नियमित रूप से अखरोट खाने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता सुधर सकती है और वे ज़्यादा एक्टिव बनते हैं। रोज़ सुबह 2–3 अखरोट दूध के साथ लेने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
2. बादाम
बादाम शरीर की अंदरूनी ताकत बढ़ाने के साथ-साथ पुरुष हार्मोन को भी सपोर्ट करता है। इसमें विटामिन E और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शुक्राणुओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।
जो पुरुष जल्दी थकान महसूस करते हैं या कमजोरी की शिकायत रहती है, उनके लिए बादाम बहुत फायदेमंद हो सकता है। रोज़ 4–5 भीगे हुए बादाम लेना बेहतर माना जाता है।
3. कद्दू के बीज
कद्दू के बीज जिंक का बेहतरीन स्रोत होते हैं, और जिंक पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए बहुत ज़रूरी मिनरल है। जिंक की कमी होने पर शुक्राणुओं की संख्या और टेस्टोस्टेरोन स्तर दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
इन बीजों का नियमित सेवन प्रजनन क्षमता को सपोर्ट करता है और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। सलाद या स्मूदी में मिलाकर इन्हें खाया जा सकता है।
4. केला
केला सिर्फ ऊर्जा देने वाला फल नहीं है, बल्कि यह पुरुषों की यौन और प्रजनन सेहत के लिए भी उपयोगी है। इसमें मौजूद विटामिन B6 और प्राकृतिक एंजाइम हार्मोन संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
केला शरीर की कमजोरी दूर करता है और शुक्राणुओं को स्वस्थ रखने में सहायक माना जाता है। रोज़ एक केला खाने से धीरे-धीरे फर्क महसूस हो सकता है।
5. अनार
अनार को प्राचीन समय से फर्टिलिटी बढ़ाने वाला फल माना जाता रहा है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शुक्राणुओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
अनार रक्त संचार को भी बेहतर बनाता है, जिससे प्रजनन अंगों तक पोषण सही तरीके से पहुंचता है। रोज़ अनार खाना या उसका ताजा जूस पीना फायदेमंद हो सकता है।
6. पालक और हरी पत्तेदार सब्ज़ियां
पालक और अन्य हरी सब्ज़ियां फोलेट और आयरन से भरपूर होती हैं। फोलेट शुक्राणुओं के सही विकास में मदद करता है और उनकी गुणवत्ता को बनाए रखता है।
इन सब्ज़ियों का सेवन शरीर को अंदर से पोषण देता है और प्रजनन स्वास्थ्य को लंबे समय तक सपोर्ट करता है। हफ्ते में कई बार इन्हें खाने की आदत डालनी चाहिए।
7. लहसुन
लहसुन सिर्फ इम्युनिटी के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है, जिससे प्रजनन अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचते हैं।
नियमित रूप से कच्चा या पका हुआ लहसुन खाने से शुक्राणुओं को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
8. अंडे
अंडे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और विटामिन B12 का अच्छा स्रोत हैं। ये शुक्राणुओं की संरचना को मजबूत बनाते हैं और उनकी ऊर्जा को बनाए रखते हैं।
जो पुरुष कमजोरी या कम फर्टिलिटी से जूझ रहे हैं, उनके लिए संतुलित मात्रा में अंडे खाना फायदेमंद हो सकता है।
9. टमाटर
टमाटर में लाइकोपीन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो पुरुषों की फर्टिलिटी से सीधे जुड़ा माना जाता है।
लाइकोपीन शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। पके हुए टमाटर या टमाटर से बनी सब्ज़ियां ज़्यादा लाभ देती हैं।
10. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट सीमित मात्रा में लेने पर पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसमें मौजूद एल-आर्जिनिन रक्त प्रवाह को सपोर्ट करता है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार ला सकता है।
ध्यान रहे कि बहुत ज़्यादा मीठी चॉकलेट की बजाय अच्छी क्वालिटी की डार्क चॉकलेट ही चुनें।
11. दही
दही पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, और अच्छा पाचन सीधे हार्मोन संतुलन से जुड़ा होता है।
प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही शरीर को अंदर से स्वस्थ रखता है, जिससे फर्टिलिटी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। रोज़ाना ताजा दही खाने की आदत बहुत लाभकारी मानी जाती है।
निष्कर्ष
पुरुषों की फर्टिलिटी सुधारने के लिए कोई एक जादुई चीज़ नहीं होती, लेकिन सही और प्राकृतिक भोजन से इसमें लगातार सुधार लाया जा सकता है। ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थ शरीर को अंदर से पोषण देते हैं और प्रजनन स्वास्थ्य को मजबूत बनाते हैं।
अगर इन खाद्य पदार्थों के साथ पर्याप्त नींद, तनाव से दूरी और हल्का-फुल्का व्यायाम भी अपनाया जाए, तो फर्टिलिटी से जुड़े परिणाम और बेहतर हो सकते हैं।

