हस्तमैथुन इंसान की स्वाभाविक यौन प्रवृत्ति का हिस्सा है। यह सीधा इरेक्शन की क्षमता को कमजोर करता है। अक्सर लोग मान लेते हैं कि हस्तमैथुन करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी लिंग में तनाव न आ पाने की समस्या हो सकती है, लेकिन वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह सही नहीं है।
कभी-कभी जीवन में किसी भी पुरुष को इरेक्शन पाने या बनाए रखने में परेशानी हो सकती है लेकिन जब यह दिक्कत बार-बार और लंबे समय तक बनी रहे, तभी इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है।
इस लेख में जानिए कि क्या सच में हस्तमैथुन यौन जीवन को नुकसान पहुँचाता हैं और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के असली कारण क्या हैं।
क्या हस्तमैथुन से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है?
नहीं, हस्तमैथुन से इरेक्टाइल डिसफंक्शन नहीं होता। इस डर को कई लोग बचपन से सुनते हैं और इसी वजह से शर्म और अपराधबोध में जीते हैं।
पुरुषो में सबसे बड़ा डर यही होता है कि बार-बार हस्तमैथुन करने से शादी के बाद संभोग के समय लिंग में तनाव नहीं आएगा।
वास्तव में इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी लिंग में सही तनाव ना आना केवल हस्तमैथुन के कारण नहीं होता। इसे करने से वीर्य खत्म नहीं होता और न ही मर्दाना ताकत चली जाती है। बल्कि कई बार सही मात्रा में हस्तमैथुन करना तनाव कम करने में मदद करता है।
इससे यौन प्रदर्शन भी बेहतर होता है लेकिन ध्यान रखें कि आदत बना लेना या बहुत अधिक बार करना सही नहीं।
क्या ज्यादा हस्तमैथुन नुकसानदेह है?
हां, जरूरत से ज्यादा हस्तमैथुन आपके यौन जीवन में बुरा असर डाल सकता है। अगर आप हफ्ते में 1–2 बार करते हैं तो यह सामान्य है, लेकिन दिन में कई बार, रोज़ाना घंटों पोर्न देखकर करना, यह दिमाग पर भी असर डालता है। इससे शरीर थकता है, मन में अपराधबोध आता है और आप असली रिश्तों से दूरी बना लेते हैं।
कुछ लोगों में यह आदत लत बन जाती है फिर वे अकेलेपन में ज्यादा घुसने लगते हैं और डिप्रेशन तक पहुँच जाते हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि संतुलन जरूरी है न तो इसे अपराध समझें और न ही लत बनने दें।
क्या कहता है विज्ञान?
विज्ञान की नजर से देखें तो अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है जो यह साबित करता हो कि सामान्य या मध्यम मात्रा में हस्तमैथुन करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है।
कई रिसर्च में यह पाया गया है कि किशोर अवस्था से लेकर वयस्क उम्र तक, पुरुष हस्तमैथुन से अपनी यौन जरूरतों को समझते हैं और यह उनके लिए एक सुरक्षित तरीका है।
हालांकि अगर कोई व्यक्ति हद से ज्यादा पोर्न देखता है और उसी के आधार पर हस्तमैथुन की आदत डाल लेता है, तो दिमाग को उत्तेजना का पैटर्न बदलने में दिक्कत होती है।
इससे वास्तविक सेक्स लाइफ में उत्तेजना और संतुष्टि में कमी आ सकती है। यह एक आदत का हिस्सा बन जाता है, जिसे साइकोलॉजिकल इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के असली कारण
रिसर्च के मुताबिक, इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) आम तौर पर उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन कई बार यह युवाओं को भी प्रभावित कर सकता है।
युवा पुरुषों में ईडी के मामले अक्सर शारीरिक वजहों से कम और मानसिक या भावनात्मक वजहों से ज्यादा जुड़े होते हैं। इस उम्र में शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य तौर पर अच्छा होता है और दूसरी शारीरिक बीमारियों की संभावना भी कम रहती है। लेकिन यौन प्रदर्शन को लेकर डर, चिंता या आत्मविश्वास की कमी एक बड़ा कारण बन सकती है।
कई बार दिमाग में बार-बार आने वाला डर या चिंता एक ऐसा चक्र बना देती है जिससे तनाव बढ़ता जाता है और समस्या और ज्यादा गहरी होती जाती है।
युवा पुरुषों में ईडी के कुछ सामान्य कारण ये हो सकते हैं:
- ज्यादा मानसिक तनाव या प्रेशर
- जरूरत से ज्यादा चिंता या घबराहट
- डिप्रेशन, मानसिक आघात, बायपोलर डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याएँ या इनसे जुड़ी दवाइयाँ
- बढ़ा हुआ वजन या मोटापा
- पूरी नींद न लेना
- मूत्र संबंधी दिक्कतें या यूरिनरी ट्रैक्ट प्रॉब्लम
- पार्टनर के साथ रिश्तों में तनाव या झगड़े
- संभोग के समय खुद को साबित करने की चिंता
डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?
कई बार इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) कोई साधारण समस्या नहीं, बल्कि यह दिल की बीमारी या मानसिक तनाव जैसी छुपी हुई बड़ी परेशानी का इशारा भी हो सकता है। अगर आप डॉक्टर से समय रहते बात करते हैं तो ये गंभीर बीमारियाँ बढ़ने से रोकी जा सकती हैं और ईडी की सही वजह भी पता चल सकती है।
अगर ईडी का कारण ज्यादा तनाव, चिंता या मन में बैठा डर है तो डॉक्टर आपको सही तनाव प्रबंधन तकनीक या थेरेपी (जैसे CBT) की सलाह दे सकता है। इससे दवाइयों के बिना भी कई लोगों को आराम मिल जाता है और यौन जीवन दोबारा सामान्य हो सकता है।
निष्कर्ष
हस्तमैथुन कोई बीमारी नहीं है, न ही मर्दानगी को खत्म करने वाला कोई काम है। यह तब तक सामान्य है जब तक यह आपके काम, रिश्तों और जिंदगी को प्रभावित न करे।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के पीछे कई शारीरिक, मानसिक और लाइफस्टाइल कारण होते हैं सिर्फ हस्तमैथुन इसके लिए जिम्मेदार नहीं। सही जानकारी, समझदारी और संतुलित जीवनशैली से आप इसे रोक सकते हैं और स्वस्थ यौन जीवन का आनंद ले सकते हैं।


