यौन स्वास्थ्य हमारे पूरे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ठीक वैसे ही जैसे हम साल में एक बार ब्लड प्रेशर, शुगर या थायरॉइड चेक कराते हैं, वैसे ही यौन स्वास्थ्य की जांच भी बहुत जरूरी है। लेकिन हमारे समाज में इस विषय पर बात करने में अभी भी झिझक रहती है। इसी झिझक की वजह से कई लोग सालों तक छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करते रहते हैं, जो बाद में बड़ी परेशानी बन जाती हैं।
आज हम इस लेख में यौन स्वास्थ्य चेक-अप से सम्बंधित सारी आवश्यक बातें बताने का प्रयास करेंगे जो आपके लिए जानना आवश्यक होगा।
क्यों कराना चाहिए यौन स्वास्थ्य चेक-अप?
- कई संक्रमण चिपके रहते हैं – क्लैमाइडिया, गोनोरिया, हर्पीस, HPV जैसे बहुत से यौन संचारित संक्रमण (STI) शुरू में कोई लक्षण नहीं दिखाते। व्यक्ति बिल्कुल ठीक लगता है, लेकिन अंदर से संक्रमण बढ़ता रहता है। बाद में यह बांझपन, गर्भाशय के मुंह का कैंसर (सर्वाइकल कैंसर), पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या, जोड़ों में दर्द जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।
- पार्टनर की सुरक्षा – अगर आपको पता चल जाए कि कोई संक्रमण है, तो आप इलाज करा सकते हैं और पार्टनर को भी बचा सकते हैं।
- मन की शांति – “क्या होगा अगर…?” इस सवाल से सालों तक परेशान रहने के बजाय एक छोटी जांच से सब साफ हो जाता है।
- समय पर इलाज आसान और सस्ता – शुरुआती स्टेज में ज्यादातर यौन संक्रमण एक-दो हफ्ते की दवाओं से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
कब कराना चाहिए चेक-अप?
- नए रिश्ते की शुरुआत में – नए पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध शुरू होने से पहले या शुरुआती 1-2 महीने में दोनों को जांच करा लेनी चाहिए।
- बिना सुरक्षा के संबंध – अगर कभी भी बिना कंडोम के संबंध बने हों, तो 2 से 6 हफ्ते बाद जांच जरूरी है। (कई टेस्ट 2-4 हफ्ते बाद सही रिपोर्ट देते हैं)।
- बच्चा प्लान करने से पहले – दोनों पार्टनर की जांच जरूरी है, ताकि कोई छिपा संक्रमण बच्चे या मां के स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाए।
- निम्नलिखित लक्षण दिखने पर:
- पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आना
- योनि/लिंग से असामान्य सफेद, पीला, हरा स्राव
- खुजली, लालिमा, सूजन
- छोटे-छोटे छाले, घाव या मुंहासे जैसे दाने
- सेक्स के दौरान या बाद में दर्द
- बगल या जांघ के पास गांठ या सूजन
- बिना वजह बुखार या थकान
- नियमित जांच (रूटीन चेक-अप) क्यों आवश्यक है:
- अगर आप यौन रूप से सक्रिय हैं – हर 6-12 महीने में
- अगर 2 या उससे ज्यादा पार्टनर हैं – हर 6 महीने में
- अगर एक ही पार्टनर हैं और दोनों ने जांच कराई है – तो हर 1-2 साल में भी ठीक
- महिलाओं के लिए खास
- 21 साल की उम्र से पैप स्मीयर शुरू करें (हर 3 साल में)
- 30 साल के बाद पैप + HPV टेस्ट (हर 5 साल में)
- मेनोपॉज के बाद भी जांच जारी रखें
- पुरुषों के लिए खास
- 40 साल के बाद प्रोस्टेट जांच (PSA टेस्ट) के साथ STI जांच भी कराएं
- अगर परिवार में प्रोस्टेट या टेस्टिस कैंसर का इतिहास है तो पहले शुरू करें
कैसे कराते हैं चेक-अप?
सही डॉक्टर/क्लिनिक चुनें
- महिलाएं – स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist)
- पुरुष – यूरोलॉजिस्ट या सेक्सोलॉजिस्ट
- दोनों के लिए – स्किन-VD स्पेशलिस्ट (त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ)
- सरकारी अस्पतालों में VD/STI क्लिनिक मुफ्त या बहुत कम खर्च में जांच करते हैं
- अच्छे प्राइवेट लैब जैसे SRL, Dr Lal PathLabs, Metropolis में भी पैकेज उपलब्ध हैं
डॉक्टर से बात करें
- डॉक्टर से घबराएं नहीं। वे रोज ऐसी सैकड़ों केस देखते हैं।
ईमानदारी से बताएं:
- कितने पार्टनर रहे हैं (संख्या बताने की जरूरत नहीं, बस “कई” या “कुछ” कहें)
- क्या कभी बिना कंडोम के संबंध बने?
- कोई लक्षण हैं या नहीं?
- पिछली जांच कब हुई
टेस्ट क्या-क्या होते हैं?
| टेस्ट का नाम | क्या पता चलता है | कैसे लिया जाता है | रिपोर्ट कब आती है |
| HIV | एड्स वायरस | ब्लड | 1-2 दिन |
| VDRL / TPHA | सिफलिस | ब्लड | 1 दिन |
| HBsAg / Anti-HCV | हेपेटाइटिस B & C | ब्लड | 1-2 दिन |
| Chlamydia & Gonorrhea | क्लैमाइडिया और गोनोरिया | यूरिन या स्वैब | 2-4 दिन |
| Herpes (HSV 1 & 2) | हर्पीस | ब्लड या स्वैब | 2-5 दिन |
| HPV DNA Test | सर्वाइकल कैंसर का खतरा | योनि से स्वैब (महिलाएं) | 3-7 दिन |
| Pap Smear | सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती कोशिकाएं | योनि से स्वैब | 3-5 दिन |
| Urine Routine + Culture | यूरिनरी इंफेक्शन | यूरिन | 1-2 दिन |
खर्चा कितना लगता है?
- बेसिक STI स्क्रीनिंग (HIV + सिफलिस + हेपेटाइटिस) – लगभग 800-1800 रुपये
- पूरा पैकेज (सभी आम STI – लगभग 2500-5500 रुपये
- पैप स्मीयर – 500-1500 रुपये
- सरकारी अस्पताल – ज्यादातर मुफ्त या 100-300 रुपये में
कुछ जरूरी सावधानियां
- जांच से 24 घंटे पहले सेक्स, योनि धुलाई, टैम्पोन या क्रीम इस्तेमाल न करें
- अगर लक्षण हैं तो जांच से पहले कोई एंटीबायोटिक न लें
- पॉजिटिव रिपोर्ट आए तो घबराएं नहीं – ज्यादातर बीमारियां पूरी तरह ठीक हो जाती हैं
- पार्टनर को भी साथ ले जाएं – दोनों की जांच कराना सबसे अच्छा तरीका है
निष्कर्ष
यौन स्वास्थ्य हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है। नियमित जांच कराना कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि खुद और पार्टनर के प्रति जिम्मेदारी है। ज्यादातर यौन संचारित संक्रमण शुरुआत में ही पकड़ में आ जाते हैं और आसानी से ठीक हो जाते हैं। एक छोटी सी जांच आपको बड़ी बीमारियों, चिंता और रिश्तों में दरार से बचा सकती है। सुरक्षित रहें, कंडोम का इस्तेमाल करें, खुलकर बात करें और साल में एक बार चेक-अप जरूर कराएं। क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही सच्चा सुख, प्रेम और आत्मविश्वास पनपता है। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें, खुश रहें!

