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 यौन संचारित रोग (STDs): कारण, लक्षण और बचाव

यौन संचारित रोग (STDs -Sexually Transmitted Diseases या STIs -Sexually Transmitted Infections) वे संक्रमण हैं जो ज्यादातर असुरक्षित सेक्स से फैलते हैं। ये एक ऐसी आम बीमारी है जो बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी से होते हैं। इनके कारण लक्षण जैसे स्राव, जलन, घाव या मस्से दिखते हैं एवं समय पर जांच और इलाज से बचना संभव भी हो जाता है।  

यौन संचारित रोग किसे कहते हैं? 

यौन संचारित रोग (एसटीडी या एसटीआई) वे बीमारियाँ हैं जो मुख्य रूप से यौन संबंध (सेक्स) के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती हैं। ये  बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी से होने वाला ऐसा संक्रमण है जो योनि, गुदा या मुंह से सेक्स करने पर होते हैं। कुछ रोग असुरक्षित खून या सुई से भी फैल सकते हैं। इनमें हर्पीस, एचपीवी और एचआईवी जैसे कई रोग शामिल हैं। कई बार इस रोग के कोई लक्षण नहीं दिखते, लेकिन यदि इसका उपचार न किया जाये तो बांझपन, कैंसर जैसी कई गंभीर समस्या हो सकती है। 

यौन रोगों के मुख्य कारण: 

इसके मुख्य कारणों को निम्न प्रकार से देख सकते हैं: 

  • बिना कंडोम के असुरक्षित सेक्स करना
  • कई पार्टनर के साथ संबंध बनाना
  • संक्रमित व्यक्ति के साथ त्वचा का सीधा संपर्क (खासकर जननांग क्षेत्र में)
  • संक्रमित खून या सुई का इस्तेमाल (कम मामलों में)

यौन संचारित रोग (STDs) के लक्षण:

कभी-कभी इस रोगों के कोई लक्षण देखने को नहीं मिलते हैं, परन्तु सामान्यतः देखे जाने वाले लक्ष्ण निम्न हैं: 

  • जननांग से असामान्य स्राव: महिलाओं में योनि और पुरुषों में लिंग से सफेद, पीला, हरा, मवाद जैसा या बदबूदार स्राव निकलना।
  • पेशाब करते समय जलन या दर्द: पेशाब में तेज जलन, दर्द या बार-बार पेशाब आने की समस्या होना।
  • जननांग क्षेत्र में घाव या छाले: लिंग, योनि या गुदा के आसपास छोटे-छोटे घाव, अल्सर या फुंसी जैसी समस्या होना।
  • जननांग मस्से या गांठें: जननांग पर मुलायम मस्से या छोटी गांठें उभरना (जैसे HPV में)।
  • खुजली, लालिमा या सूजन: जननांग, लिंग या योनि के आसपास लगातार खुजली, लाल चकत्ते या सूजन होना।
  • सेक्स के दौरान दर्द: संभोग या सेक्स के दौरान दर्द, बेचैनी या असुविधा महसूस होना।
  • महिलाओं में अतिरिक्त लक्षण: पीरियड्स के अलावा असामान्य रक्तस्राव, पेट के निचले हिस्से में दर्द और तेज बदबूदार योनि स्राव।
  • पुरुषों में अतिरिक्त लक्षण: अंडकोष में सूजन या दर्द और लिंग की नोक से स्राव आना।
  • मुंह और गले में समस्या: ओरल सेक्स के बाद मुंह या गले में घाव, छाले या दर्द होना।

कुछ सामान्य यौन संचारित रोग: 

यौन संबबंधों से होने वाले रोगों को हम निम्न प्रकार से देख सकते हैं: 

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV)

यह ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स से फैलता है। मुख्य रूप से इसके लक्षणों में जननांगों (लिंग, योनि, गुदा) पर छोटे-छोटे मस्से या ग्रोथ (फूलगोभी जैसे), कभी-कभी खुजली या हल्का दर्द देखे जा सकते हैं।  

  • संभावित बीमारियां: सर्वाइकल कैंसर या पुरुषों में अन्य कैंसर का खतरा
  • इलाज एवं बचाव: स्सों को दवा, क्रायो या लेजर से हटाया जा सकता है।  इसके बचाव के लिए – वैक्सीन, कंडोम इस्तेमाल और नियमित जांच की सहायता ली जा सकती है।  

गोनोरिया (Gonorrhea या सूजाक)

यह ऐसा बैक्टीरिया है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स से फैलता है। मुख्य रूप से इसके लक्षणों में पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द और लिंग या योनि से पीला, हरा या मवाद जैसा स्राव निकलना देखा जा सकता है।

  • संभावित बीमारियां: बांझपन, जोड़ों में दर्द या अन्य गंभीर संक्रमण
  • इलाज एवं बचाव: एंटीबायोटिक इंजेक्शन या दवाओं से आसानी से ठीक हो जाता है। इसके बचाव के लिए – हर बार कंडोम इस्तेमाल, पार्टनर की जांच और इलाज की सहायता ली जा सकती है।

क्लैमाइडिया (Chlamydia)

यह ऐसा बैक्टीरिया है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स से फैलता है। मुख्य रूप से इसके लक्षणों में पेशाब में जलन, योनि या लिंग से हल्का स्राव और सेक्स के दौरान दर्द देखे जा सकते हैं (कई लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते)।

  • संभावित बीमारियां: महिलाओं में पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और बांझपन, पुरुषों में प्रजनन समस्या
  • इलाज एवं बचाव: एंटीबायोटिक दवाओं से पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसके बचाव के लिए – नियमित जांच, कंडोम इस्तेमाल और एक ही पार्टनर की सहायता ली जा सकती है।

हर्पीस (Genital Herpes)

यह ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स से फैलता है। मुख्य रूप से इसके लक्षणों में जननांगों पर दर्दनाक छाले, फफोले, जलन, खुजली और लालिमा देखे जा सकते हैं।

  • संभावित बीमारियां: बार-बार लक्षणों का आना और बढ़ती असुविधा
  • इलाज एवं बचाव: कोई पूरा इलाज नहीं है, लेकिन एंटीवायरल दवाओं से लक्षण कम और बार-बार होने से रोका जा सकता है। इसके बचाव के लिए – कंडोम इस्तेमाल, पार्टनर को बताना और नियमित जांच की सहायता ली जा सकती है।

सिफलिस (Syphilis या उपदंश)

यह ऐसा बैक्टीरिया है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स से फैलता है। मुख्य रूप से इसके लक्षणों में शुरुआत में जननांग पर छोटा दर्दरहित घाव (चैंकर) देखा जा सकता है।

  • संभावित बीमारियां: दिल, दिमाग, आंखों को नुकसान, पागलपन या मौत का खतरा
  • इलाज एवं बचाव: पेनिसिलिन इंजेक्शन से शुरुआती चरण में पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसके बचाव के लिए – कंडोम इस्तेमाल, नियमित जांच और पार्टनर के इलाज की सहायता ली जा सकती है।

HIV/AIDS

यह ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से असुरक्षित सेक्स, संक्रमित रक्त या सुई से फैलता है। मुख्य रूप से इसके शुरुआती लक्षणों में फ्लू जैसे बुखार, थकान, गले में खराश और लिम्फ नोड्स में सूजन देखे जा सकते हैं।

  • संभावित बीमारियां: एड्स होकर इम्यून सिस्टम पूरी तरह कमजोर होना
  • इलाज एवं बचाव: कोई पूरा इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं से वायरस कंट्रोल में रहता है और सामान्य जीवन संभव है। इसके बचाव के लिए – कंडोम, दवा, सुई न साझा करना और नियमित जांच की सहायता ली जा सकती है।

इन रोगों से बचाव के कुछ आसान तरीके: 

  • हर बार सेक्स करते समय कंडोम जरूर लगाएं। यह सबसे आसान और अच्छा तरीका है।
  • सिर्फ एक ही पार्टनर के साथ रहें और सुनिश्चित करें कि वो भी संक्रमण-मुक्त हो।
  • समय-समय पर जांच करवाते रहें, खासकर नए रिश्ते शुरू होने पर।
  • टीके लगवाएं – HPV वैक्सीन (मस्से और कैंसर से बचाव के लिए) और हेपेटाइटिस B वैक्सीन।
  • असुरक्षित सुई या किसी का खून इस्तेमाल न करें।
  • अगर संक्रमण लगे तो तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाएं और अपने पार्टनर को भी बताएं ताकि वो भी जांच करवा ले।
  • ज्यादा खतरे में रहने वाले लोग दवा ले सकते हैं।
  • लक्षण दिखें या शक हो तो शर्माएं नहीं, डॉक्टर से खुलकर बात करें।

निष्कर्ष: 

यौन स्वास्थ्य भी स्वास्थ्य का हिस्सा है। यौन संचारित रोग एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली स्वास्थ्य समस्या है। सही जानकारी, सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित जांच और समय पर इलाज से इन रोगों के प्रभाव को कम किया जा सकता है। यौन संचारित रोगों के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि समय पर पहचान और सही इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। 

सुरक्षित सेक्स अपनाना, नियमित जांच कराना और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना यौन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। । अगर समय पर पता चल जाए तो ज्यादातर STDs आसानी से ठीक हो जाते हैं और आगे कोई समस्या नहीं होती।