भारत में लाखों पुरुष कम स्पर्म काउंट की समस्या से परेशान हैं। यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और समय रहते ध्यान न देने पर नपुंसकता, कमज़ोर वीर्य, बांझपन, कम सेक्स इच्छा, और कमज़ोर इरेक्शन जैसी परेशानियाँ पैदा कर सकती है।
अच्छी बात यह है कि अधिकतर मामलों में यह समस्या सही जीवनशैली, खान-पान और आयुर्वेदिक नुस्खों से ठीक की जा सकती है। इस ब्लॉग के ज़रिए, आइए समझते हैं कि पुरुषों में कम स्पर्म काउंट की इस समस्या को कैसे ठीक किया जा सकता है
स्पर्म कम होने के 5 मुख्य कारण
नीचे कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं जिनकी वजह से पुरुषों को कम स्पर्म काउंट की समस्या होती है-
- लगातार तनाव
तनाव शरीर के हार्मोन को बिगाड़ देता है जिससे शुक्राणु बनना कम हो जाता है।
- गलत खान-पान
जंक फूड, तली-भुनी चीजें और पोषक तत्वों की कमी से वीर्य की गुणवत्ता घटती है।
- शराब या सिगरेट का अत्यधिक नशा
नशा स्पर्म की संख्या, गति और गुणवत्ता को कमजोर कर देता है।
- अधिक गर्मी में रहना
लैपटॉप गोद में रखना, कसे कपड़े पहनना या बहुत गर्म वातावरण से शुक्राणु उत्पादन रुकता है।
- नींद की कमी
कम नींद से शरीर टेस्टोस्टेरोन बना नहीं पाता, जिससे स्पर्म काउंट गिर जाता है।
आसान घरेलू नुस्खे जो कम स्पर्म काउंट की समस्या में मदद करता है
1. शुद्ध अश्वगंधा का सेवन करें
रोज़ सुबह 1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण गर्म दूध के साथ लें। अश्वगंधा शरीर के तनाव को कम करता है जिससे स्पर्म की संख्या बढ़ने में मादा मिलती है।
2. शतावरी का दूध ले
1 चम्मच शतावरी चूर्ण को गर्म दूध में मिलाकर रात में सोने से पहले पिएँ। इसके नियमित सेवन से यौन शक्ति में सुधार होता है और शरीर को पोषण व ऊर्जा भी मिलती है।
3. कौंच बीज का चूर्ण ले
आधा चम्मच कौंच बीज चूर्ण, आधा चम्मच मिश्री के साथ रोज़ सुबह लें। यह संयोजन शरीर में टेस्टोस्टेरोन के प्राकृतिक स्तर को सपोर्ट करता है, स्पर्म की संख्या और गतिशीलता दोनों को बढ़ाने में मदद करता है।
4. गोखरू के पानी का सेवन करें
रात में 1 चम्मच गोखरू को पानी में भिगो दें। सुबह इसे छानकर पिएँ। आयुर्वेद के अनुसार गोखरू शुक्र धातु को पोषण देता है, जिससे वीर्य की गुणवत्ता, गाढ़ापन और ताकत स्वाभाविक रूप से बेहतर होती है।
5. भीगे अखरोट और बादाम खाए
रोज़ सुबह 2 अखरोट और 5 भीगे बादाम खाएँ। इनमें पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन E, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स शुक्राणुओं को मज़बूत बनाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, गतिशीलता और संख्या सुधारने में मदद करते हैं।
6. गर्म चीज़ों से दूरी रखें
स्पर्म उत्पादन तापमान के प्रति बेहद संवेदनशील होता है। इसलिए बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें, बार-बार गर्म पानी से नहाना कम करें और गोद में लैपटॉप रखने की आदत तुरंत छोड़ दें।
7. तुलसी के पत्ते का सेवन करें
रोज़ 4–5 तुलसी पत्ते खाली पेट चबाएँ।आयुर्वेद में तुलसी को वीर्य-वर्धक जड़ी माना गया है, जो हार्मोन बैलेंस सुधारने, स्पर्म क्वालिटी बढ़ाने और पुरुष प्रजनन शक्ति को स्वाभाविक रूप से बेहतर करने में सहायक होती है।
8. देसी घी का नियमित सेवन करें
खाना पकाने में 1–2 चम्मच देसी घी शामिल करें। आयुर्वेद में घी को शुक्र धातु वर्धक माना गया है, जो वीर्य की गाढ़ापन, मात्रा और संपूर्ण शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।
9. रोजाना 30 मिनट योग और सूर्य नमस्कार करें
भुजंगासन, उत्तानासन और कंधरासन कुछ ऐसे योग आसन हैं जो स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करते हैं। ये रक्त प्रवाह बढ़ाकर वीर्य उत्पादन में मदद करते हैं।
10. शुक्रवर्धक अभ्यंग करें
शुक्रवर्धक अभ्यंग में बाला तेल या नारायण तेल से निचले पेट, जांघों की जड़ और किडनी के आसपास लगभग 10 मिनट हल्की मालिश की जाती है। यह हफ्ते में 3 बार करने से रक्त संचार बढ़ता है और प्रजनन तंत्र मज़बूत होता है।
निष्कर्ष
कम स्पर्म काउंट आजकल आम समस्या बन चुकी है, पर अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह सुधार योग्य है।
अगर आप नियमित रूप से स्वस्थ भोजन, कम तनाव, अच्छी नींद, और ऊपर बताए गए आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाते हैं, तो कुछ ही समय में स्पष्ट सुधार दिखेगा।
याद रखें- शरीर को बदलने के लिए दवाइयों की नहीं, लगातार सही आदतों की जरूरत होती है। सही समय पर सही कदम उठाने से पुरुष शक्ति मजबूत होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

