सेक्स टाइमिंग के लिए बेस्ट एक्सरसाइजेस
सेक्स टाइमिंग के लिए बेस्ट एक्सरसाइजेस

सेक्स टाइमिंग के लिए बेस्ट एक्सरसाइजेस

क्या एक्सरसाइज से सेक्स टाइमिंग बढ़ सकती है? जी हाँ, बिल्कुल! अगर सही एक्सरसाइज चुनी जाए और नियमित रूप से की जाए तो काफी हद तक सेक्स टाइमिंग को बढ़ाया जा सकता है।

जल्दी डिस्चार्ज जैसी शारीरिक कमजोरी तनाव, नसों की संवेदनशीलता, पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी, कम सहनशक्ति और ब्लड सर्कुलेशन की खराबी का नतीजा होती है ऐसे में कुछ एक्सरसाइज सीधे इन्हीं कारणों पर काम करती है और आपके सेक्स टाइमिंग को बढ़ा सकती है 

आइए जानें कि कौन-कौन सी एक्सरसाइजेस सबसे प्रभावी हैं और सेक्स टाइमिंग में सुधार के लिए उन्हें सही तरीके से कैसे किया जाए।

सेक्स टाइमिंग बढ़ाने के लिए 9 सबसे असरदार एक्सरसाइजेस

एक्सरसाइजेस सबसे लोकप्रिय और scientific तरीका है जो न सिर्फ सेक्स टाइमिंग बढ़ाती है बल्कि प्रीमैच्योर एजैक्युलेशन जैसी समस्याओं को भी नियंत्रित करती है।

1. केगल एक्सरसाइज़ (Kegel Exercise) 

केगल एक्सरसाइज़ उन मांसपेशियों को मजबूत करती है जो स्खलन (Ejaculation) को नियंत्रित करती हैं। जब पेल्विक फ्लोर मजबूत होता है, तो पुरुष बेहतर तरीके से उत्तेजना को रोक पाते हैं, और सेक्स टाइमिंग naturally बढ़ती है। 

कैसे करें? 

  • पेशाब रोकने वाली मांसपेशी को पहचानें (यह वही मांसपेशी है)। 
  • इसे 5–7 सेकंड तक दबाएं (Contract)। 
  • छोड़ दें (Relax)। 
  • यह प्रक्रिया एक सेट में 10–12 बार करें।

2. स्टार्ट–स्टॉप तकनीक (Start–Stop Technique)

स्टार्ट–स्टॉप तकनीक स्खलन की सेंसिटिविटी को कम करती है और उत्तेजना पर नियंत्रण बढ़ाती है। इससे पुरुष आसानी से peak arousal को delay कर पाते हैं और सेक्स टाइमिंग naturally बढ़ती है।

कैसे करें?

  • उत्तेजना बढ़ते समय जब डिस्चार्ज का एहसास होने लगे, तुरंत रुक जाएँ।
  • 5–10 सेकंड गहरी साँस लें और उत्तेजना को शांत होने दें।
  • फिर दोबारा शुरू करें।
  • एक सेशन में 3–4 बार repeat करें।

3. स्क्वैट्स (Squats)

स्क्वैट्स lower body muscles को मजबूत करते हैं, खासकर pelvic floor और glutes। इससे नीचे के हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जो erection और सेक्स टाइमिंग दोनों सुधारता है।

कैसे करें?

  • पैरों को कंधे जितनी दूरी पर रखें।
  • कूल्हों को धीरे-धीरे नीचे ले जाएँ जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों।
  • वापस खड़े हो जाएँ।
  • 15–20 रेप × 3 सेट करें।

4. प्लैंक (Plank)

Plank core muscles (abs, hips, lower back) को strengthen करती है। बेहतर core stability से thrusting control, stamina और timing तीनों सुधरते हैं।

कैसे करें?

  • पुश-अप पोज़ में आएँ और कोहनियों पर शरीर टिकाएँ।
  • शरीर को सीधी लाइन में 30–40 सेकंड तक होल्ड करें।
  • 3 सेट करें।

5. बटरफ्लाई पोज़ (Butterfly Pose)

यह योगासन pelvic flexibility बढ़ाता है, stiffness कम करता है और blood circulation को improve करता है, जिससे जल्दी थकान नहीं होती और control बेहतर होता है।

कैसे करें?

  • पैरों के तलवे मिलाकर बैठें।
  • घुटनों को धीरे-धीरे नीचे की ओर दबाएँ।
  • 1–2 मिनट तक पोज़ होल्ड करें।
  • 2 सेट करें।

6. ग्लूट ब्रिज (Glute Bridge)

यह exercise lower back, hips और pelvic region को मजबूत बनाती है। ये मसल्स स्खलन नियंत्रण और sexual thrust के लिए सबसे ज़रूरी होती हैं।

कैसे करें?

  • पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें और पैरों को जमीन पर रखें।
  • कूल्हों को ऊपर उठाएँ और 5–10 सेकंड रोकें।
  • वापस नीचे लाएँ।
  • 15 रेप × 3 सेट करें।

7. डीप ब्रिदिंग (Deep Breathing)

गहरी साँसें nervous system को शांत करती हैं। Stress और performance anxiety कम होने से स्खलन delay होता है और सेक्स टाइमिंग naturally बढ़ती है।

कैसे करें?

  • 4 सेकंड तक गहरी साँस अंदर लें।
  • 4 सेकंड रोकें।
  • 6 सेकंड धीरे-धीरे छोड़ें।
  • रोज़ 5–7 मिनट दोहराएँ।

8. अनुलोम–विलोम (Anulom–Vilom)

यह प्राणायाम mental balance, oxygen flow और nerve relaxation बढ़ाता है। इससे sexual arousal पर control आसान होता है और जल्दी discharge नहीं होता।

कैसे करें?

  • सीधा बैठें और एक नथुने से सांस अंदर लें।
  • दूसरे नथुने से सांस बाहर छोड़ें।
  • 5–6 मिनट तक लगातार करें।

9. वॉल सिट (Wall Sit)

यह powerful endurance exercise है। इससे thighs, hips और pelvic muscles बेहद मजबूत होते हैं, जिससे सेक्स के दौरान थकावट नहीं होती और timing बेहतर होती है।

कैसे करें?

  • दीवार के सहारे पीठ लगाएँ।
  • नीचे बैठकर 90° के कोण पर रुकें।
  • 20–40 सेकंड hold करें।
  • 3 सेट करें।

कितने दिन में फर्क दिखेगा?

2-3 हफ्ते:

अगर आप एक्सरसाइज़ नियमित करें, तो 2–3 हफ्तों में ही आपको फर्क महसूस होने लगेगा—जैसे बेहतर नियंत्रण, कम घबराहट और थोड़ी बढ़ी हुई टाइमिंग।

30-45 दिन:

लगातार एक महीने तक करने पर सेक्स स्टैमिना और टाइमिंग में साफ-साफ बदलाव दिखने लगता है। पेल्विक मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और इजैक्युलेशन कंट्रोल काफी बढ़ जाता है।

60-90 दिन:

दो से तीन महीने तक नियमित रूप से करने पर long-term control मिल जाता है। सेक्स टाइमिंग बहुत अच्छी हो जाती है और इरेक्शन भी ज्यादा मजबूत महसूस होता है।

कब एक्सरसाइज काम नहीं करती?

कुछ स्थितियों में सेक्स टाइमिंग बढ़ाने वाली एक्सरसाइज़ का असर धीमा पड़ जाता है, क्योंकि ये समस्याएँ सीधे शरीर की यौन नियंत्रण क्षमता को प्रभावित करती हैं, जैसे:

  • अत्यधिक पोर्न एडिक्शन
  • ज्यादा तनाव या चिंता
  • डायबिटीज या हार्मोनल असंतुलन
  • पेल्विक नर्व की कमजोरी
  • शरीर में कम रक्त प्रवाह (Low Blood Flow)

इन स्थितियों में आपको व्यायाम + आयुर्वेदिक उपचार दोनों को एक साथ अपनाना चाहिए।

निष्कर्ष 

नियमित एक्सरसाइज़ सेक्स टाइमिंग बढ़ाने का सबसे आसान, सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका है। रोज़ सिर्फ 15 से 20 मिनट देने से पेल्विक फ्लोर मज़बूत होता है और स्टैमिना में साफ सुधार दिखाई देता है।

अगर आप इन एक्सरसाइज़ को लगातार करें और अपनी लाइफस्टाइल का ध्यान रखें, तो 2-3 हफ्तों में कंट्रोल बेहतर महसूस होने लगता है। 1-2 महीने में टाइमिंग, इरेक्शन और कॉन्फिडेंस, तीनों में असर दिखता है।

सेक्स टाइमिंग के लिए बेस्ट एक्सरसाइजेस