सेक्स केवल शारीरिक सुख का विषय नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, हार्मोन स्वास्थ्य और जीवनशैली से गहराई से जुड़ा हुआ है। आयुर्वेद में यौन शक्ति को ओज कहा गया है, जो पूरे शरीर की ऊर्जा और जीवन शक्ति का आधार मानी जाती है। जब ओज संतुलित होता है, तब यौन जीवन स्वाभाविक रूप से बेहतर रहता है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि सेक्स करने का सही तरीका क्या है, और कुछ ऐसे तरीके जिससे आप अपने पार्टनर को खुश रख सकते हैं।
सेक्स करने का सही तरीका
1. सही मानसिक अवस्था सबसे जरूरी
आयुर्वेद के अनुसार, मन और शरीर अलग नहीं हैं। चिंता, भय, जल्दबाजी और आत्म-संदेह सीधे यौन क्षमता को कमजोर करते हैं। यदि मन शांत है, तो शरीर स्वतः सहयोग करता है। इसलिए सेक्स को प्रदर्शन नहीं, बल्कि सहज अनुभव के रूप में देखें।
लगातार सोचते रहना कि कितनी देर चलेगा यौन समय को छोटा कर देता है।
2. वात दोष का संतुलन बहुत जरूरी है
आयुर्वेद में शीघ्रपतन और इरेक्शन की समस्या को अक्सर वात दोष से जोड़ा जाता है।
वात बढ़ने के कारण:
- अधिक तनाव
- अनियमित दिनचर्या
- ठंडा, सूखा और हल्का भोजन
सेक्स से पहले शरीर को स्थिर और गर्म बनाए रखना, जिससे वात शांत रहता है।
3. भोजन का सही समय और चयन
बहुत अधिक या बहुत कम खाने के बाद सेक्स करना आयुर्वेद में अनुचित माना गया है।
आयुर्वेदिक कहता है:
- हल्का और सुपाच्य भोजन करे
- भोजन और सेक्स के बीच कम से कम 2–3 घंटे का अंतर रखे
जब पाचन सही होता है, तब शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और यौन अनुभव स्वाभाविक रूप से बेहतर होता है।
4. घी और दूध का महत्व (सही तरीके से)
आयुर्वेद में शुद्ध घी और गुनगुना दूध ओज को बढ़ाने वाला माना गया है।
इसे लेने का सबसे सही तरीका है:
- रात में गुनगुना दूध ले
- उसमें थोड़ी मात्रा में घी डाले
यह शरीर को पोषण देता है और यौन कमजोरी को धीरे-धीरे कम करता है।
5. सांस को खेल की तरह इस्तेमाल करें
आयुर्वेद और योग दोनों में कहा गया है कि सांस और स्खलन का सीधा संबंध होता है।
- तेज सांस उत्तेजना बढ़ाती है
- धीमी, गहरी सांस नियंत्रण बढ़ाती है
बहुत-से पुरुष यह नहीं जानते कि सिर्फ सांस पर ध्यान देकर भी समय बेहतर किया जा सकता है। सेक्स के दौरान, उत्तेजना बढ़ते समय 3–4 धीमी, गहरी सांस लें। इससे शरीर शांत रहता है और समय अपने आप लंबा हो जाता है।
6. अधिक बार नहीं, सही समय पर करें
आयुर्वेद अत्यधिक गहरी और धीमी सांस से उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।
संतुलित दृष्टिकोण कहता है:
- थकान के समय सेक्स न करें
- बीमारी या कमजोरी में शरीर को आराम दें
संयम रखने वाला पुरुष लंबे समय तक शक्तिशाली रहता है।
7. शरीर की मालिश का असर
आयुर्वेद में अभ्यंग यानी तेल मालिश को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
यह सेक्स के दौरान काम क्यों करता है?
- तंत्रिका तंत्र को शांत करता है
- रक्त प्रवाह को बेहतर करता है
- तनाव कम करता है
नियमित तेल मालिश से यौन कमजोरी में भी धीरे-धीरे सुधार देखा जाता है।
8. सही नींद के बिना सही सेक्स संभव नहीं
रात की नींद ओज निर्माण का समय मानी जाती है।
आयुर्वेदिक नियम के अनुसार :
- देर रात जागना यौन शक्ति को कम करता है
- नियमित नींद हार्मोन संतुलन में मदद करती है
यह एक ऐसा कारण है जिसे पुरुष अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
9. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ और तैयारी
शतावरी, अश्वगंधा, सफेद मूसली, कौंच बीज जैसे जड़ी-बूटियाँ पुरुषों के “ओज” (जीवन शक्ति) को बढ़ाती हैं।
सेक्स से पहले इसे लेने के ये फायदे हैं:
- रोज सुबह या शाम गुनगुना दूध या हल्का शहद के साथ सेवन करें।
- बहुत पुरुष केवल कैप्सूल लेते हैं; अनुभव बताते हैं कि सही समय और संयोजन से असर ज्यादा लंबा रहता है।
10. प्रत्येक संभोग को “स्टेज” में बांटें
अधिकतर पुरुष सीधे मुख्य क्रिया पर चले जाते हैं।
इसे करने का सबसे सही तरीका है:
- तैयारी स्टेज: 5–10 मिनट हल्की बातचीत, आंखों में नजर और हाथों का स्पर्श करे।
- सेंस स्टेज: धीरे-धीरे शरीर को उत्तेजित करे और छोटे-छोटे स्पर्श करे।
- कंट्रोल स्टेज: सांस और गति पर ध्यान देना, स्खलन को नियंत्रित करना।
इससे पुरुष न केवल देर तक टिक पाते हैं बल्कि साथी को भी संतोष मिलता है।
निष्कर्ष
सेक्स करने का सही तरीका कोई एक तकनीक नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक संतुलन, धैर्य और समझ है।
जब पुरुष अपने शरीर की जरूरतों को समझता है और प्रकृति के अनुसार चलता है, तब यौन जीवन न केवल बेहतर होता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
सही तरीका वही है जो शरीर, मन और रिश्ते, तीनों को मजबूत बनाए।

