You are currently viewing कैसे होता है मोबाइल से सेक्स स्टैमिना कमज़ोर

कैसे होता है मोबाइल से सेक्स स्टैमिना कमज़ोर

आज मोबाइल हमारी ज़िंदगी का जरूरी हिस्सा बन गया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हमारी सेक्स स्टैमिना पर असर डाल सकता है। मोबाइल खुद नुकसान नहीं करता, बल्कि उससे जुड़ी गलत आदतें परेशानी पैदा करती हैं। देर रात तक फोन चलाने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं।

मोबाइल पर बार-बार पॉर्न देखने से दिमाग को ज्यादा उत्तेजना की आदत पड़ जाती है और असली पार्टनर के साथ पहले जैसा जोश महसूस नहीं होता। लगातार स्क्रीन देखने से तनाव भी बढ़ता है। जब नींद खराब हो, दिमाग थका हो और शरीर एक्टिव न हो, तो सेक्स स्टैमिना कम होना स्वाभाविक है। मोबाइल का सही और सीमित इस्तेमाल ही इस समस्या से बचने का आसान तरीका है।

कैसे होता है मोबाइल का सेक्स स्टैमिना पर असर?

ब्लू लाइट से नींद कम होना

मोबाइल की नीली रोशनी सेक्स स्टेमिना कमज़ोर होने के मुख्य कारणों में से एक है। यह रोशनी शरीर में मेलाटोनिन नाम के हार्मोन को दबा देती है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी होता है। जब नींद गहरी नहीं होती तो शरीर की एनर्जी कम हो जाती है। इसका सीधा असर इरेक्शन की मजबूती और सेक्स स्टैमिना पर पड़ता है, जिससे व्यक्ति जल्दी थक जाता है और जल्दी खत्म हो जाता है।

फोन की लत से तनाव बढ़ना 

सोशल मीडिया और मोबाइल फोन की लत धीरे-धीरे तनाव बढ़ा देती है। दिनभर फोन में लगे रहने से दिमाग को आराम नहीं मिल पाता, जिससे चिंता, बेचैनी और कभी-कभी डिप्रेशन जैसी स्थिति बन सकती है। जब मानसिक तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर सेक्स की इच्छा यानी लिबिडो पर पड़ता है और परफॉर्मेंस कमजोर होने लगती है।

स्पर्म क्वालिटी पर असर

मोबाइल का असर स्पर्म क्वालिटी पर भी देखा गया है। कुछ शोधों में यह पाया गया है कि लंबे समय तक मोबाइल को जेब में रखने से स्पर्म की संख्या और उनकी गति पर हल्का नकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि मोबाइल का सीधा और बहुत मजबूत असर इरेक्शन या सेक्स स्टैमिना पर पड़ता हो।

एक्टिविटी कम हो जाना

लगातार मोबाइल देखने से शारीरिक गतिविधि भी बहुत कम हो जाती है। घंटों बैठे रहने से शरीर के निचले हिस्से में खून का बहाव धीमा पड़ जाता है। जब पेनिस और टेस्टिस तक सही मात्रा में खून नहीं पहुंचता, तो इरेक्शन की क्वालिटी कमजोर होने लगती है और सेक्स स्टैमिना धीरे-धीरे घटने लगता है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कम हो जाना

ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने से सबसे पहले शरीर के टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पर असर पड़ता है। जब कोई व्यक्ति रात 12 या 1 बजे तक लगातार फोन चलाता रहता है, तो उसकी नींद पूरी नहीं हो पाती। नींद की कमी से शरीर में बनने वाला टेस्टोस्टेरोन हार्मोन 10–15 प्रतिशत तक कम हो सकता है जिससे थकान जल्दी लगती है, उत्साह घट जाता है और सेक्स के दौरान टिकाव कम हो जाता है।

डेथ ग्रिप सिंड्रोम का होना

बार-बार बहुत तेज और अवास्तविक उत्तेजना देखने से दिमाग उसी स्तर की उत्तेजना का आदी हो जाता है। इसके कारण असली जिंदगी में पार्टनर के साथ वैसा जोश या आकर्षण महसूस नहीं होता एवं धीरे-धीरे व्यक्ति को इरेक्शन बनाए रखने में दिक्कत आने लगती है या सेक्स जल्दी खत्म हो जाता है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को पॉर्न इंड्यूस्ड इरेक्टाइल डिसफंक्शन या डेथ ग्रिप सिंड्रोम कहा जाता है।

मोबाइल से होने वाली सेक्स कमजोरी के असरदार उपाय: 

रात में समस्य फोन बंद करें 

मोबाइल की वजह से होने वाली सेक्स कमजोरी को सही आदतों से ठीक किया जा सकता है। सबसे जरूरी है रात में फोन का इस्तेमाल बंद करना। देर रात रील्स, चैट या पॉर्न देखने से नींद खराब होती है और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कम होने लगता है। बेहतर है कि रात 10–11 बजे के बाद फोन साइलेंट या एयरप्लेन मोड में रखें और उसे बेडरूम से बाहर रखें।

रोज 7–8 घंटे पूरी नींद लें

अच्छी नींद सेक्स हेल्थ की सबसे मजबूत नींव है क्योंकि टेस्टोस्टेरोन का बड़ा हिस्सा रात में बनता है। हर दिन एक ही समय पर सोना–उठना, कमरा शांत और अंधेरा रखना और शाम को चाय-कॉफी कम पीना मदद करता है।
सिर्फ 1 हफ्ते की अच्छी नींद से स्टैमिना बढ़ता है और erection ज्यादा मजबूत होता है।

ज्यादा हस्तमैथुन से बचें: 

ज्यादा पॉर्न और बार-बार हस्तमैथुन से बचना भी जरूरी है। पॉर्न देखने से दिमाग असली सेक्स के लिए सुस्त हो जाता है। 4–12 हफ्तों तक पॉर्न से दूरी रखने पर ज्यादातर लोगों में 1–3 महीने में टाइमिंग, सख्ती और मजा तीनों बेहतर हो जाते हैं।

बहुत ज्यादा पोर्न देखना बंद करें -: 

ज्यादा पॉर्न और बार-बार हस्तमैथुन से बचना भी जरूरी है। पॉर्न देखने से दिमाग असली सेक्स के लिए सुस्त हो जाता है। 4–12 हफ्तों तक पॉर्न से दूरी रखने पर ज्यादातर लोगों में 1–3 महीने में टाइमिंग, सख्ती और मजा तीनों बेहतर हो जाते हैं।

रोज एक्सरसाइज करें

रोज एक्सरसाइज करना प्राकृतिक तरीके से सेक्स पावर बढ़ाता है। वेट ट्रेनिंग और कार्डियो से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, स्टैमिना बढ़ता है और टेस्टोस्टेरोन भी बढ़ता है। रोज 5–10 मिनट केगल एक्सरसाइज करने से कंट्रोल और इरेक्शन मजबूत होता है।

  • वेट ट्रेनिंग: स्क्वाट, डेडलिफ्ट, बेंच प्रेस, पुल-अप (बड़े मसल ग्रुप) – हफ्ते में 3-4 दिन।
  • कार्डियो: तेज वॉक, रनिंग, साइकिलिंग या HIIT – हफ्ते में 3-4 दिन।
  • पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (केगल): रोज 5-10 मिनट – erection और कंट्रोल बेहतर होता है। 

दिन में फोन यूज सीमित रखें

इन सबके साथ दिन में फोन का इस्तेमाल सीमित रखें। स्क्रीन टाइम कम करने से तनाव घटता है और सेक्स स्टैमिना धीरे-धीरे वापस आने लगता है।

निष्कर्ष : 

मोबाइल फोन से सेक्स स्टैमिना कमजोर होने का 90% से ज्यादा कारण रेडिएशन नहीं, बल्कि पोर्न एडिक्शन, रात में देर तक फोन यूज से नींद की कमी, सोशल मीडिया से तनाव और दिनभर बैठे रहना है। ये चीजें टेस्टोस्टेरोन गिराती हैं, दिमाग की सेक्स सिस्टम खराब करती हैं और erection व स्टैमिना कमजोर कर देती हैं। 

रेडिएशन का असर मुख्य रूप से स्पर्म क्वालिटी पर होता है, erection या स्टैमिना पर कमजोर। अगर आप रात में फोन बंद करें, 7-9 घंटे सोएं, पोर्न 1-3 महीने रोकें और रोज एक्सरसाइज करें, तो ज्यादातर लोगों को 1-2 महीने में ही erection, टाइमिंग और एनर्जी में बड़ा सुधार दिख जाता है।