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अकरकरा के फायदे पुरुषों के लिए – यौन उत्तेजना और स्टैमिना बढ़ाने में मददगार

अकरकरा किसे कहते हैं?

अकरकरा एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसका वैज्ञानिक नाम Anacyclus pyrethrum है। इसे पेलिटरी रूट या अकरकारा के नाम से भी जानते हैं। यह उत्तर भारत, हिमालय क्षेत्र और अरब देशों में पाई जाने वाली जड़ी बूटी है। इसके फूल और जड़ का इस्तेमाल दवा के रूप में होता है। । यह मुंह में डालते ही झनझनाहट और लार बढ़ाती है, इसलिए इसे “अकरकरा” नाम मिला।  

पुरुषों के लिए अकरकरा क्यों फायदेमंद है?

अकरकरा पुरुषों की यौन शक्ति (विर्य, टेस्टोस्टेरोन, स्टैमिना) बढ़ाने के लिए सदियों से इस्तेमाल होती रही है। यह नसों को ताकत देती है, ब्लड फ्लो बढ़ाती है और हार्मोन को संतुलित करती है। खासकर 30-50 साल के पुरुषों में कमजोरी, शीघ्रपतन, कम उत्तेजना और कम स्पर्म काउंट की समस्या में बहुत फायदा करती है। इसे आयुर्वेद में “वाजीकरण” (वीर्यवर्धक) औषधि माना जाता है।

अकरकरा यौन उत्तेजना और स्टैमिना बढ़ाने में कैसे मदद करती है – 

टेस्टोस्टेरोन बढ़ाती है:

    अकरकरा में “अल्किलएमाइड” नाम का खास तत्व होता है जो सीधे दिमाग के पिट्यूटरी ग्लैंड को उत्तेजित करता है। इससे LH हार्मोन बढ़ता है और अंडकोष (टेस्टिस) में यह शरीर में पुरुष हार्मोन को धीरे-धीरे बढ़ाती है। इससे जोश, आत्मविश्वास और शारीरिक ताकत में सुधार आता है। 15-30 दिन में ही फर्क महसूस होने लगता है।

    लिंग में खून का प्रवाह बढ़ाती है: 

      अकरकरा शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ाती है। यही गैस लिंग की रक्त नलिकाओं को चौड़ा करती है। लिंग तक खून अच्छी तरह पहुंचने लगता है। इससे तनाव मजबूत और लंबे समय तक बना रहता है। कमजोर erection ( Erectile Dysfunction) की समस्या धीरे-धीरे दूर होती है।

      नसों को ताकत देती है 

        जब आप अकरकरा मुंह में रखते हैं तो 10-15 सेकंड में तेज झनझनाहट और लार आती है। यह झनझनाहट पूरे शरीर और लिंग की नसें मजबूत व सक्रिय होती हैं। संवेदना सही रहती है और नियंत्रण भी बेहतर हो जाता है।

        वीर्य गाढ़ा और स्पर्म काउंट बढ़ाती है 

          वीर्य की गुणवत्ता और गाढ़ापन बढ़ता है। यह स्पर्म की संख्या और उनकी गतिशीलता में सुधार आता है।  स्पर्म की तैरने की स्पीड (मोटिलिटी) भी 50-70% तक सुधर जाती है। जिन्हें रिपोर्ट में “ओलिगोस्पर्मिया” लिखा आता था, उनकी रिपोर्ट 2 महीने में नॉर्मल हो जाती है।

          शीघ्रपतन ठीक करती है 

            शीघ्रपतन की जड़ कमजोर नसें और ज्यादा संवेदना होती है। अकरकरा नसों को ताकत देती है एवं नसों पर अच्छा कंट्रोल बढ़ाती है। समय धीरे-धीरे बढ़ता है और शीघ्रपतन कम हो जाता है।

            सेक्स की इच्छा (लिबिडो) बढ़ाती है 

              यह शरीर में लिबिडो की संख्या बढ़ाने में सहायक होती है। टेस्टोस्टेरोन और डोपामाइन बढ़ने से सेक्स ड्राइव अपने आप दोगुनी-तिगुनी हो जाती है, मन में स्वाभाविक रूप से सेक्स की चाहत बढ़ती है।

              थकान दूर कर स्टैमिना बढ़ाती है

                इसके प्रयोग से  शरीर की कमजोरी और थकान दूर होती है।। इसके प्रयोग से लंबे समय तक शारीरिक के कार्य करने की क्षमता बढ़ती है। लंबे समय तक शारीरिक कार्य करने की क्षमता बढ़ती है।

                स्पर्म की क्वालिटी सुधारती है 

                  सिर्फ संख्या ही नहीं, अकरकारा  के प्रयोग से स्पर्म का आकार और गति बेहतर हो जाती है। अकरकरा लेने के बाद 3-6 महीने में संतान प्राप्ति की संभावना बढ़ती है

                  तनाव-चिंता कम करती है 

                    यह दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन को बैलेंस करती है जिससे दिमाग शांत रहता है और प्रदर्शन का डर कम होता है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है और संबंधों में सुधार आता है।

                    पुरानी कमजोरी जड़ से ठीक करती है 

                    सालों से चली आ रही यौन कमजोरी में स्थायी सुधार आता है। इससे स्पर्म जीरो आना ऐसी गंभीर समस्याएं भी 2-4 महीने नियमित और सही उपयोग से जड़ से फायदा मिलता है।  

                    अकरकरा का इस्तेमाल कैसे करें? 

                    • चूर्ण: 125 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम तक (चावल के 3-4 दाने जितना) दिन में 1-2 बार दूध या शहद के साथ लें।
                    • जड़ चबाना: 1-2 ग्राम सूखी जड़ को मुंह में रखकर चबाएं, लार निकले तो थूक दें, फिर निगल लें।
                    • तेल: अकरकरा का तेल लिंग पर हल्की मालिश करें (केवल बाहरी उपयोग)।
                    • शिलाजीत या अश्वगंधा के साथ मिलाकर लेने से असर दोगुना हो जाता है।
                    • रात को सोने से पहले दूध के साथ लेना सबसे अच्छा रहता है।
                    • शुरू में बहुत कम मात्रा (125 mg) से शुरू करें, फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं।

                    अकरकरा के नुकसान या दुष्प्रभाव

                    • ज्यादा मात्रा लेने से मुंह में जलन, छाले या बहुत ज्यादा लार आना।
                    • पेट में गर्मी, जलन या दस्त हो सकते हैं।
                    • बहुत गर्म तासीर होने से गर्मी, चक्कर या बेचैनी हो सकती है।
                    • उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति सावधानी से लें।
                    • लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।
                    • गर्भवती महिलाएं और बच्चे बिल्कुल न लें।

                    निष्कर्ष

                    अकरकरा एक प्राकृतिक, सुरक्षित और बहुत प्रभावशाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो पुरुषों की यौन स्वास्थ्य समस्याओं को जड़ से ठीक करने में सक्षम है। सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह टेस्टोस्टेरोन, स्टैमिना, erection की ताकत, स्पर्म काउंट, समय और आत्मविश्वास, सभी में गहरा और स्थायी सुधार लाती है।

                    15-45 दिनों में ही ज्यादातर लोगों को स्पष्ट फर्क महसूस होने लगता है और 2-3 महीने के नियमित उपयोग से सालों पुरानी कमजोरी भी दूर हो जाती है। बस याद रखें शुरू में बहुत कम मात्रा लें, दूध या शहद के साथ लें और किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

                    सही इस्तेमाल से अकरकरा आपकी मर्दाना ताकत को न केवल वापस लौटाती है, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बना देती है। यह प्रकृति का दिया हुआ सबसे अच्छा तोहफा है पुरुषों के लिए।