आज की व्यस्त जिंदगी में तनाव, गलत खाना और कम हिलना-डुलना फर्टिलिटी को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। अच्छी बात ये है कि रोज थोड़ी देर सही तरीके से की गई एक्सरसाइज हार्मोन को बैलेंस करती है, खून का दौरा बढ़ाती है, वजन कंट्रोल में रखती है और दिमाग को शांत करती है। ये चारों चीजें पुरुष और महिला दोनों की बच्चा पैदा करने की क्षमता को सीधा फायदा देती हैं।
व्यायाम करने से शरीर में शुगर का स्तर सही रहता है, PCOS और थायरॉइड जैसी परेशानियां कंट्रोल में रहती हैं और पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी भी बेहतर होती है। बस जरूरत है सही और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज की, बहुत भारी वर्कआउट की नहीं।
फर्टिलिटी बढ़ाने वाली सबसे 8 असरदार एक्सरसाइज
ब्रिस्क वॉकिंग (तेज चलना)
विधि:
- रोज सुबह या शाम 30 – 45 मिनट निकालें
- तेज कदमों से चलें, हल्का पसीना आए और सांस तेज हो
- हाथ अच्छे से झुलाएं, कमर सीधी रखें
- पार्क या खुली जगह में चलें तो और भी अच्छा
फायदे:
- वजन नियंत्रण, हार्मोन संतुलन में मदद।
- पेल्विक एरिया तक ब्लड फ्लो बढ़ता है।
- स्ट्रेस कम होता है, जिससे फर्टिलिटी पर सीधा सकारात्मक असर।
लाइट जॉगिंग (हल्की दौड़)
विधि:
- हफ्ते में 4–5 दिन
- 20–30 मिनट हल्की दौड़
- इतनी स्पीड रखें कि आप बात कर सकें
- अच्छे जूते पहनें और मुलायम जमीन चुनें
फायदे:
- दिल मजबूत होता है,
- इंसुलिन अच्छे से काम करता है,
- पेट की चर्बी घटती है, जिससे हार्मोनल हेल्थ सुधरती है।
- स्ट्रेस और थकान दूर होती है।
- पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में ओव्यूलेशन सपोर्ट।
स्क्वॉट्स
विधि:
- पैर कंधे जितने अलग रखें
- कमर सीधी, छाती ऊपर, नजर सामने
- धीरे नीचे बैठें जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों
- घुटने पैर की उंगलियों से आगे न निकलें
- 3 सेट × 12–15 बार
फायदे:
- पेल्विक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।
- निचले शरीर की मसल्स मजबूत होती हैं।
- प्रजनन क्षमता को स्वाभाविक सपोर्ट।
साइकलिंग
विधि:
- बाहर साइकिल या जिम में स्टेशनरी बाइक
- 30–40 मिनट मध्यम स्पीड
- सीट की ऊंचाई ऐसी रखें कि घुटना पूरी तरह न मुड़े
- हल्का रेसिस्टेंस रखें
फायदे:
- वजन कम होकर हार्मोन संतुलित रहते हैं।
- पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो सुधारता है।
- इंसुलिन कंट्रोल होकर फर्टिलिटी बेहतर।
स्विमिंग (तैराकी)
विधि:
- हफ्ते में 3–4 दिन
- 20–35 मिनट लगातार तैरें
- फ्री स्टाइल या ब्रेस्ट स्ट्रोक सबसे अच्छे
- सांस लेने का ध्यान रखें
फायदे:
- पूरे शरीर की एक्टिविटी से ब्लड फ्लो बढ़ता है।
- तनाव और चिंता कम होती है।
- ओव्यूलेशन और स्पर्म क्वालिटी दोनों को फायदा।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (हल्की वेट)
विधि:
- हफ्ते में सिर्फ 2–3 दिन
- हल्के डंबल (2–5 किलो) या सिर्फ बॉडीवेट
- लंजेस, पुश-अप, प्लैंक, डेडलिफ्ट (हल्का)
- हर एक्सरसाइज 10–12 बार, 3 सेट
फायदे:
- टेस्टोस्टेरोन हार्मोनल प्रोडक्शन बेहतर होता है।
- शरीर की चर्बी कम और मेटाबॉलिज़्म तेज।
- शुगर कंट्रोल और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
- ऊर्जा बढ़ती है, जिससे फर्टिलिटी में सुधार।
पेल्विक ब्रिज
विधि:
- पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें
- पैर जमीन पर, हिप-चौड़ाई दूरी
- कूल्हे ऊपर उठाएं, पेट टाइट करें
- 5 सेकंड रोकें, फिर धीरे नीचे
- 15–20 बार, 3 सेट
फायदे:
- पेल्विक एरिया की मसल्स मजबूत।
- कमर और हिप्स मजबूत।
- ब्लड फ्लो बढ़कर पुरुषों और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी में मदद।
स्टेयर क्लाइम्बिंग (सीढ़ियां चढ़ना)
विधि:
- रोज 10–15 मिनट
- एक-एक सीढ़ी चढ़ें, जल्दबाजी न करें
- चढ़ते और उतरते दोनों समय कमर सीधी
- हाथ की रेलिंग पकड़ सकते हैं
फायदे:
- वजन जल्दी कंट्रोल होता है।
- स्टैमिना बढ़ती है और ब्लड फ्लो बेहतर।
- हार्मोन संतुलन में मदद।
कुछ खास टिप्स
- हफ्ते में कुल 150–200 मिनट मध्यम एक्सरसाइज काफी है
- व्यायाम से पहले 5 मिनट वार्म-अप और बाद में स्ट्रेचिंग जरूर करें
- खूब पानी पिएं, प्रोटीन और हरी सब्जियां खाएं
- अगर कोई बीमारी है तो पहले डॉक्टर से पूछ लें
- रात को 7–8 घंटे की नींद सबसे बड़ी दवा है
निष्कर्ष
फर्टिलिटी बढ़ाना कोई जटिल प्रक्रिया नहीं है। थोड़ी-सी नियमित मेहनत, सरल एक्सरसाइज और एक्टिव लाइफस्टाइल शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है। ब्रिस्क वॉकिंग, स्क्वॉट्स, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या स्विमिंग – इनमें से कोई भी एक्सरसाइज चुनकर रोज़ 20–30 मिनट दें, और धीरे-धीरे आपको सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगेंगे।
नियमित वर्कआउट हार्मोन सही रखता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और पेल्विक हेल्थ को मजबूत बनाता है, जो फर्टिलिटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने शरीर को थोड़ा समय देंगे, तो यह आपको उसका दोगुना फायदा लौटाएगा।

