पुरुषों में फर्टिलिटी घटने के 10 बड़े कारण

पुरुषों में फर्टिलिटी घटने के 10 बड़े कारण – खानपान से लेकर लाइफस्टाइल तक

आज के तेज़-रफ्तार जीवन में पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएँ पहले के मुकाबले कहीं अधिक बढ़ गई हैं। कई पुरुष शारीरिक रूप से स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर शुक्राणुओं की संख्या, गुणवत्ता और गति धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसका असर सीधा कंसीव न होने, कमज़ोरी महसूस होने, और रिश्तों में तनाव तक देखा जाता है। फर्टिलिटी कम होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि पुरुष अक्सर शुरुआती बदलावों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, चाहे वह खानपान की गलतियाँ हों, तनाव भरी दिनचर्या, नींद की कमी या रोज़मर्रा की आदतें।

अब समय है कि इस समस्या को खुले रूप में समझा जाए और सही कारणों को पहचाना जाए, ताकि समय रहते सुधार हो सके।

पुरुषों में फर्टिलिटी घटने के 10 बड़े कारण: बड़े कारण

नीचे पुरुषों में फर्टिलिटी घटने के 10 प्रमुख कारण विस्तार से बताए गए हैं:

1. खराब खानपान और जंक फूड का अधिक सेवन

तला-भुना, पैकेज्ड फूड, ज्यादा नमक, चीनी और प्रिज़र्वेटिव्स शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और टेस्टोस्टेरोन लेवल घटाते हैं।  इससे शुक्राणुओं की संख्या कम होती है और उनकी संरचना भी कमजोर पड़ती है।

2. विटामिन और मिनरल्स की कमी 

जिंक, विटामिन D, विटामिन B12, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सिडेंट पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी हैं।
इनकी कमी से

  • शुक्राणु उत्पादन धीमा हो जाता है
  • शुक्राणु कमजोर बनते हैं
  • उनका जीवनकाल घट जाता है

3. लगातार तनाव और मानसिक दबाव

तनाव शरीर के हार्मोनल सिस्टम को बिगाड़ देता है। लगातार तनाव से:

  • टेस्टोस्टेरोन कम होता है
  • सेक्स टाइमिंग और ड्राइव घटती है
  • शुक्राणुओं की क्वालिटी खराब होती है

आधुनिक जीवन में यही तनाव फर्टिलिटी पर सबसे गहरा असर डाल रहा है।

4. देर रात तक जागना और नींद की कमी

नींद सिर्फ आराम नहीं है, बल्कि हार्मोन बैलेंस का आधार है। कम नींद या अनियमित नींद से टेस्टोस्टेरोन स्तर गिरता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या और उनकी गतिशीलता कम हो जाती है।

5. शराब और स्मोकिंग का ज्यादा सेवन

सिगरेट में मौजूद निकोटीन और शराब दोनों ही शुक्राणुओं को कमजोर, धीमा और असामान्य बना देते हैं।
लंबे समय तक सेवन करने से शुक्राणु गणना 20–30% तक गिर सकती है।

6. मोटापा

पेट की चर्बी बढ़ने से शरीर में एस्ट्रोजेन बढ़ता है और टेस्टोस्टेरोन कम हो जाता है। इस हार्मोनल असंतुलन से फर्टिलिटी काफी कम हो जाती है। इसके अलावा, मोटापा शरीर में गर्मी बढ़ाता है, जो स्पर्म नुकसान पहुंचाती है।

7. टेस्टिकल एरिया गर्मी के संपर्क में आना

लैपटॉप गोद में रखना, बहुत टाइट कपड़े पहनना, लंबे समय तक बाइक चलाना या सॉना/हॉट बाथ, ये सभी स्क्रोटम का तापमान बढ़ाते है । गर्मी बढ़ने से शुक्राणु उत्पादन धीमा हो जाता है और उनकी गुणवत्ता खराब होती है।

8. हार्मोनल गड़बड़ी (कम टेस्टोस्टेरोन या थायराइड की समस्याएँ)

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का संतुलित स्तर बहुत जरूरी है। थायरॉयड गड़बड़ी, लो टेस्टोस्टेरोन या किसी मेडिकल कंडीशन के कारण हार्मोन असंतुलन हो जाए तो फर्टिलिटी तेजी से घटने लगती है।

9. दवाइयों या स्टेरॉयड का गलत उपयोग

जिम स्टेरॉयड, एनाबॉलिक स्टेरॉयड, वजन बढ़ाने/घटाने की कुछ दवाइयाँ, या लम्बी अवधि तक पेनकिलर्स- यह सब शुक्राणुओं पर नकारात्मक असर डालते हैं। स्टेरॉयड तो सीधे टेस्टिस का नैचुरल शुक्राणु उत्पादन बंद कर देते हैं।

10. मोबाइल रेडिएशन और पर्यावरण प्रदूषण

मोबाइल को फ्रंट पॉकेट में रखना या ज्यादा रेडिएशन के संपर्क में रहना टेस्टिस के तापमान और कोशिकाओं पर असर करता है। वायु प्रदूषण, केमिकल्स, कीटनाशक, प्लास्टिक की बोतलों का पानी- ये सब शुक्राणु की गुणवत्ता को कमजोर करते हैं।

निष्कर्ष 

पुरुषों में फर्टिलिटी कम होना आज एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुकी है। अच्छी बात यह है कि इसके प्रमुख कारण ज्यादातर लाइफस्टाइल और खानपान की गलतियों से जुड़े होते हैं – जिनमें सही बदलाव लाकर फर्टिलिटी को दोबारा मजबूत किया जा सकता है।

संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण, धूम्रपान-अल्कोहल से दूरी, नियमित व्यायाम और हर्बल सपोर्ट मिलकर पुरुष प्रजनन क्षमता को स्वस्थ और मजबूत बनाते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है ताकि सही इलाज और सही दिशा मिल सके।